बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए जिला टास्क फोर्स की सख्त कार्रवाई
17 व 18 जनवरी को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया विशेष जागरूकता चेकिंग व अभियान
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
सामाजिक सुरक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री पंजाब डॉ. बलजीत कौर के दिशा-निर्देशों एवं डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट जीवनजोत-2 के तहत बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी गगनदीप सिंह के नेतृत्व में तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी हरप्रीत कौर की टीम द्वारा बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम जिला स्तरीय टास्क फोर्स के साथ मिलकर 17 व 18 जनवरी को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष चेकिंग की गई। इस दौरान शिमला पहाड़ी, फूड स्ट्रीट, सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन, रेलवे रोड, बस अड्डा, फगवाड़ा चौक एवं शनि मंदिर सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रेड की गईं। साथ ही आम जनता को बाल भिक्षावृत्ति के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी हरप्रीत कौर ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भीख मांगता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत बाल हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चे को सुरक्षित जीवन प्रदान किया जा सके। उन्होंने बताया कि 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी जिला बाल संरक्षण यूनिट, होशियारपुर या बाल हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी माह के दौरान अब तक जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा चार बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति, होशियारपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। काउंसलिंग उपरांत बच्चों को चिल्ड्रन होम में दाखिल किया गया तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दो बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार यदि कोई माता-पिता बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाते पाए गए, तो उनके डीएनए टेस्ट कराए जाएंगे तथा रिपोर्ट मेल न खाने की स्थिति में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की रेड पहले भी की जाती रही हैं और आगे भी निरंतर जारी रहेंगी।
इस अभियान में सुखजिंदर सिंह, अंजली अग्रवाल, किरण सैनी, दीक्षा शर्मा सहित शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी सहयोग किया। जिला प्रशासन ने दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा एवं भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


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