गऊ सेवा के लिए इकत्रित्त किये करीब सवा सौ करोड़ रु की गऊ सेंस की रकम खुर्द - वुर्द कर गई पंजाब सरकार - तीक्ष्ण सूद
होशियारपुर/दलजीत अज्नोहा
पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में आम आदमी पार्टी सरकार की कारगुजारी पर प्रश्न चिन्ह उठाते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार का सवा लाख़ करोड़ रु कर्ज़ा लेकर भी पेट नहीं भरा तो गऊ सेवा के लिए इकत्रित्त किया जाने वाला गऊ सेंस खुर्द -वुर्द करना शुरू कर दिया है । उन्होंने कहा कि भाजपा अकाली सरकार के समय 2014 में सरकारी तथा संस्थागत गऊ शालाओं के लिए फंड उपलब्ध करवाने के लिए गऊ सेंस लगाया गया था। जिसके अंर्तगत सीमेंट ,बिजली ,दोपहिया तथा चौपहिया वाहन ,अंग्रेजी ,देसी शराब तथा वीयर व मैरिज पेलिसों से गऊ सेंस इकत्रित्त किया जाना शुरू किया था। उस समय सरकार ने जिला वार सरकारी गऊ शाले भी चलानी शुरू कर दी थी ताकि गऊ वंश जो सड़को पर घूमते है तथा कई तरह की दुर्घटनाओं का कारण बनते है उसे सम्मान पूर्वक गऊ शालाये में रख कर का भरण पोषण किया जा सके।उन्होंने कहा कि न ही सही ढंग से गऊ सेंस इकत्रित्त किया गया तथा न ही उसे खर्च करने के लिए कोई नियम बनाए गए व उसका ओडिट करवाया गया। इस बात का खुलासा पंजाब विधान सभा की सुवाडिर्नेट लेजिसलेशन कमेटी ने करते हुए सरकार पर आरोप लगाया है कि 12 वर्ष बीत जाने पर भी सरकार ने न ही गऊ सेंस के नियम बनाय है तथा न ही औडिटर जनरल से इसका हिसाब -किताब ओडित करवाया गया है। कमेटी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि मैरिज पेलिसों व अन्य स्रोतों से इसे वसूला भी है नहीं जाता। सबसे गंभीर आरोप यह है कि गऊ सेंस के 118 करोड़ रु खुर्द -वुर्द कर दिए गए है.जिनके बारे में कुछ भी पता नही चल रहा। श्री सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा गऊ शालाओ की मदद करने की बजाए या गऊ वंश के लिए रखी गई गऊ चर भूमि से नजाइज कब्जे हटाने कि बजाय सरकार ने गऊ माता के लिए इकत्रित्त किया गऊ सेंस ही खुर्द -वुर्द करना शुरू कर दिया है जो कि अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान से पूछते हुए कहा है कि क्या वह इस घपलेबाजी का पर्दाफ़ाश करके गऊ वंश को न्याय दिलवाएगे?

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