पंजाब के नगर सुधार ट्रस्ट, नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला को पहली आयकर मुक्त ट्रस्ट अधिसूचना दी गई: सीए डॉ. पारदीप गोयल
बरनाला, 20 जनवरी : पंजाब भर में नगर निगम सुधार ट्रस्ट, बरनाला को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) वित्त मंत्रालय द्वारा पहले आयकर मुक्त ट्रस्ट के रूप में अधिसूचित किया गया है। जो सीए के कारण है। परदीप गोयल के पास जाता है। गोयल पिछले लंबे समय से एसजीपीसी श्री अमृतसर के एक प्रमाणित टैक्स वकील के साथ-साथ कानूनी सलाहकार (कर) भी हैं। जहां भी पहले उनके पास राष्ट्रीय स्तर की समिति संस्थान चार्टर्ड अकाउंटेंट (आईसीएआई) है। भारत मे अपनी जगह बना ली वहीं, अब कड़ी मेहनत और लगन से केस को आगे बढ़ाते हुए नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला ने पंजाब में पहला इनकम टैक्स फ्री ट्रस्ट को अधिसूचित करके एक बार फिर बरनाला शहर का नाम रोशन किया है। सीए परदीप गोयल ने ग्लोबल खबर के जिला प्रभारी सुरिंदर गोयल को बताया कि पंजाब में लगभग 30 नगर सुधार ट्रस्ट हैं। शहरों के लिए योजना और विकास किसका काम है। बरनाला में नगरपालिका सुधार ट्रस्ट। म्युनिसिपल रिफॉर्म ट्रस्ट संगरूर, बठिंडा, पटियाला, राजपुरा आदि ये ट्रस्ट स्थानीय प्राधिकरण विभाग और स्थानीय प्राधिकरण मंत्रालय के तहत काम करते हैं। ये सभी म्युनिसिपल रिफोर्म ट्रस्ट आयकर की धारा 12-A के तहत चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत हैं। जिसमें इनको चैरिटेबल फंक्शन शो करके अपने खाते में रिटर्न फाइल करना है और CA से ऑडिट करवाना है। जिसमे बहुत सारे नियम और कानून है। जिससे कई ट्रस्टों के इनकम टैक्स के मामले चलते रहते हैं। कुछ केस आईटीएटी ट्रिब्यूनल कोर्ट चंडीगढ़ में चल रहे हैं, कुछ हाईकोर्ट में और कुछ सुप्रीम कोर्ट में। अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण के एक मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि शहर सुधार ट्रस्ट थे। इन चैरिटेबल ट्रस्टों के साथ साथ क्योंकि ये राज्य के लिए भी काम करते हैं और इनका सारा काम राज्य/जनता की सेवा करना है। लोगों को सुविधा प्रदान कर विकास के लिए कार्य करते हुए। यही कारण है कि उन्हें आयकर मुक्त होना चाहिए। उस फैसले को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने नई धारा 10 उप धारा 46-ए जारी की। इस सेक्शन में आवेदन करने से वह ट्रस्ट पूरी तरह से आयकर मुक्त हो सकता है। बशर्ते वह सभी शर्तों को पूरा करता हो। इन सब को ध्यान में रखते हुए पहले 20 मार्च 2024 को नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला का केस दर्ज किया और उसके बाद नगर सुधार ट्रस्ट संगरूर का भी केस दर्ज किया गया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स दिल्ली और कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स चंडीगढ़ ने लगातार दो साल तक इन मामलों का पालन किया। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, वित्त मंत्रालय ने कल 19 जनवरी को समय पर जांच करने के बाद पारित किया। नगरपालिका सुधार ट्रस्ट बरनाला को वित्तीय वर्ष 2023 - 24 से धारा 10 उप धारा 46-A के तहत टैक्स मुक्त निकाय बनाया गया है। इसी वित्त वर्ष में 20 मार्च 2024 को मुकदमा दायर किया गया था। इससे नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला को होंगे कई फायदे पहले चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में जिसका ऑडिट हुआ करता था, इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। हर साल इनकम टैक्स भरने की जरूरत नहीं है। धर्मार्थ ट्रस्ट का पहला पंजीकरण धारा 12-A के तहत समय-समय पर नवीनीकृत करना पड़ा। जिसके नियम काफी सख्त थे। लेकिन अब धारा 10 उपधारा 46-ए के तहत स्थायी छूट है। इसके साथ ही परदीप गोयल, बरनाला ट्रस्ट के चेयरमैन राम तीर्थ मन्ना, EO राजेश कुमार, अकाउंटेंट राजिंदर कौर, अकाउंट क्लर्क रिपेन कुमार, परमिंदर कुमार और पूरे स्टाफ ने पूरा सहयोग दिया। इस अवसर पर उनकी पत्नी एडवोकेट दीपिका गोयल भी मौजूद थीं।

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